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ISKCON IS GOING TO BUILD INTERNATIONAL GURUKUL IN AAJHAI

BGIS, a Product from ISKCON, Vrindavana, is expanding its Unique Global School with:

• A world-class infrastructure that will be developed for more than 600 school students and 400 college students
• Best of technology and initiatives to be taken across disciplines for imparting Complete Education
• Area spread over 100 acres in the purest environment of Spirutal Dham of Vrindavana.
• Best of teachers from one of the most valued Institutes in India - IIT

Modern + Spiritual Education

• Subjects like Science & Mathematics 
• Fine Arts & Performing Arts
• Music
• Methodologies & Sanskrit Studies
• Organic Farming 
• Environmental & Climate Studies
• Meditation
• And Lot More...

This package of complete education will help lay a robust foundation for the future of our society at large and BGIS prides in taking this responsibility to make this future better & India proud.

 

 

Manzil Developers to employ 1000 people

New Delhi: Manzil Group is all set to employ large number of people in the Real Estate Sector. The Group has made this announcement that they have made an innovative plan in which they will be hiring 1000 new employees along with investment estimation of nearly rupees 51 Crore. Manzil Group which likes to be called as “Manzil Family” has also declared that the Company is known for its high commitment level and has committed to create four thousand salaried positions in next three years. The Group is lining up 1000 new jobs which will include job application in Real Estate, low-cost housing, CSR, Web Service and even education. Besides Job details, The Group has also disclosed its target of specific investment for at least four business verticals and these investment total to an amount of 51 crore rupees. Most surprisingly, the group has started this recruitment drive at such a time when global recession if faced by all.

मथुरा को NCR में शामिल करने में केंद्र को आपत्ति नहीं

नई दिल्ली।। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल करने की मांग तेज होने लगी है। मथुरा से नगर पालिकाओं के अध्यक्षों के प्रतिनिधिमंडल ने इस मांग को लेकर नई दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ से मुलाकात की है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार का सकारात्मक रवैया रहा तो केंद्र सरकार मथुरा को एनसीआर में शामिल करने के प्रस्ताव पर अवश्य विचार करेगी।

इस प्रतिनिधिमंडल में मथुरा जिले की नगरपालिकाओं के चेयरमैन सहित 10 लोग शामिल थे, जिन्होंने नई दिल्ली में शहरी विकास मंत्री से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। राजनाथ सिंह ने भी उन्हें पूरे सहयोग का वादा किया।

वहीं, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली से भी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और मांग के समर्थन में परिस्थितियों से अवगत कराया। बताया जा रहा है कि जेटली भी मथुरा को एनसीआर में शामिल किए जाने के पक्ष में हैं।

Source : http://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/mathura/agra/centre-have-not-any-objection-over-mathura-involvement-in-ncr/articleshow/22263239.cms

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18 महीने में डाली जाएगी पाइपलाइन

फरीदाबाद।। ग्रेटर फरीदाबाद में वॉटर सप्लाई और स्टोर्मवॉटर ड्रेन बनाने का काम जल्द से जल्द शुरू करने के लिएहूडा ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रियाचल रही है। फरवरी में टेंडर जारी होने के बाद मार्च में कामशुरू कर दिया जाएगा। हूडा अधिकारियों के मुताबिक , स्टोर्मवॉटर ड्रेन और वॉटर सप्लाई लाइन बिछाने के लिए 18 महीनेका समय तय किया गया है। इसके लिए हूडा ने अक्टूबर 2014की डेडलाइन तय की है। 

ग्रेटर फरीदाबाद में सीवर लाइन डालने और मास्टर रोडबनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही , अब स्टोर्म वॉटर ड्रेन और वॉटर सप्लाई के लिए पाइपलाइनबिछाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए हूडा ने करीब 198 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है ,जिसमें 144 करोड़ रुपये स्टोर्म वॉटर ड्रेन और करीब 54 करोड़ रुपये वॉटर सप्लाई पर खर्च किए जाएंगे। दोनोंप्रोजेक्ट के टेंडर के लिए हूडा को उच्च अधिकारियों से मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद 153.80 करोड़ के टेंडरजारी कर दिए गए हैं। 6 फरवरी को हूडा की ओर से टेंडर जारी कर दिया जाएगा , जिसके कुछ समय बाद कामशुरू भी कर दिया जाएगा। हूडा ने दोनों प्रोजेक्ट की डेडलाइन अक्टूबर 2014 तय की है। 

हूडा ईएक्सईएन सी . जे . गुलाटी ने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद में स्टोर्म वॉटर ड्रेन और वॉटर सप्लाई के लिएटेंडर आमंत्रित किए गए हैं। 6 फरवरी को टेंडर जारी करने के बाद मार्च में काम शुरू कर दिया जाएगा औरअक्टूबर 2014 तक पूरा कर लिया जाएगा।

गुड़गांव नहर पर बनने लगा पुल

 

Dec 29, 2012, 01.53AM IST

सचिन हुड्डा ॥ फरीदाबाद 
हरियाणा सिंचाई विभाग ने ग्रेटर फरीदाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने के लिए बनने वाले चार पुलों में से एक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। सिंचाई विभाग ने इसकी शुरुआत सेक्टर-3 और 8 की डिवाइडिंग रोड के पास गुड़गांव नहर पर की है। सिक्स लेन इस पुल के निर्माण में 5 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिनका भुगतान हूडा को करना है। 
पुल के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग ने लगभग डेढ़ महीना पहले टेंडर जारी कर दिए थे और अब पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। जिस कंपनी को टेंडर किया गया उसने साइट पर मटीरियल पहुंचना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही गुड़गांव नहर में पानी के बहाव को रोककर पिलर के लिए पाइलिंग शुरू कर दी गई है। कंस्ट्रक्शन साइट पर काम देख रहे दीपक मेहता ने बताया कि एक साल में पुल का निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। सिंचाई विभाग के एसई संदीप तनेजा ने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद और फरीदाबाद से जोड़ने वाले पहले पूल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। हूडा एसई टी. डी. चोपड़ा ने बताया कि पुल के लिए सिंचाई विभाग को हमने पहले ही 30 लाख रुपये दे दिए हैं। बाकी पैसा मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों के पास भेजा हुआ है, जल्द ही मंजूरी आ जाएगी, उसके बाद पैसा सिंचाई विभाग को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही बाकीतीन पुलों का पैसा भी सिंचाई विभाग को जल्द दे दिया जाएगा। 
सेक्टर 75 के पास जुड़ेगा पुल : गुड़गांव नहर पर बनने वाले इस पुल के आगे आगरा नहर पर पुल बनाने की जिम्मेवारी यूपी सिंचाई विभाग की है। यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी भी जल्द ही हूडा के पास पुल का एस्टीमेट भेजने वाले हैं, जिसके बाद वो भी पुल का निर्माण कार्य शुरू कर देंगे। दोनों पुलों के बन जाने के बाद बाईपास रोड सीधा ग्रेटर फरीदाबाद के मास्टर रोड से सेक्टर 75 के पास कनेक्ट हो जाएगा। इससे ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 75, 76, 77, 80, 79 और 78 के लोगों को लाभ मिलेगा। 

ग्रेटर फरीदाबाद तक मेट्रो मास्टर प्लान 2031 में भी


बदरपुर से वाईएमसीए तक मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है और बल्लभगढ़ तक भी मेट्रो जानी तय है। इसके साथ ही ग्रेटर फरीदाबाद और मास्टर प्लान के तहत डिवेलप होने वाले नए सेक्टरों को भी मेट्रो से जोड़ने की प्लानिंग शुरू हो गई है। मास्टर प्लान-2031 में मेट्रो कॉरिडोर को शामिल करने की संभावनाओं को शामिल किया जा चुका है। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ग्रेटर फरीदाबाद को मेट्रो लाइन से जोड़ने की बात कह चुके हैं। 
नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद में 15 सेक्टर डिवेलप किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रेटर फरीदाबाद के विस्तार के लिए मास्टर प्लान-2031 को अंतिम रूप देने की तैयारियां चल रही हैं। मास्टर प्लान-2031 के मुताबिक, 72 नए सेक्टरों का निर्माण किया जाना है। ऐसे में यहां रहने वाले लाखों लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है। इसके लिए ग्रेटर फरीदाबाद में भी मेट्रो का विस्तार करने की प्लानिंग की जा रही है। प्लानिंग के मुताबिक, इस लाइन को बदरपुर से वाईएमसीए तक बनाई जा रही मेट्रो लाइन से ही जोड़ने की तैयारी है। सेक्टर-11 और 12 के डिवाइडिंग रोड पर यह लाइन बदरपुर-वाईएमसीए मेट्रो लाइन से जुड़ेगी। सेक्टर-11-12 के डिवाइडिंग रोड से होते हुए यह लाइन बाईपास रोड को पार कर आगरा और गुड़गांव नहर के ऊपर से ग्रेटर फरीदाबाद में एंटर करेगी। यहां से ग्रेटर फरीदाबाद में डिवेलप हो रहे 15 सेक्टरों और मास्टर प्लान के तहत डिवेलप होने वाले नए सेक्टरों में इसकी कनेक्टिविटी की जा सकेगी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने मेट्रो को ग्रेटर फरीदाबाद में ले जाने की संभावनाओं को प्लान में शामिल कर इसे सरकार के पास भेज भी दिया है। मार्च 2012 में जिस समय फरीदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए एमओयू साइन किया गया था, उस समय सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बल्लभगढ़ तक मेट्रो का विस्तार करने के साथ ही ग्रेटर फरीदाबाद तक भी मेट्रो पहुंचाने की बात कही थी। डीटीपी संजीव मान का कहना है कि जब कोई नया एरिया डिवेलप किया जाता है तो वहां बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं उपलब्ध कराना बहुत जरूरी होता है। इसलिए हम लोगों ने ग्रेटर फरीदाबाद में मेट्रो लाइन पहुंचाने की प्लानिंग की है। सरकार को भी इसके लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। 

source : http://navbharattimes.indiatimes.com

''BHARAT MAA''


"Merely chanting Mantras, offering Namaz, going to Church or Gurdwara is not religion. These are methods of worship and these methods are certainly not Religion - Religion means Duty performance with sharp sense of duties towards other fellow human beings and the highest Religion – NATIONALISM"


BHARTIYATA (Indian Nationalaty)
There is a religion higher than religion itself - it is the INDIAN NATIONALITY. The swirl of the Tricolour never fails to move a indian . For we believe, it is the great feeling that transcends all castes, creed and sects. Bharatiyata Celebrated on every 26th of January and 15th of August with a spirit and gaiety rarely seen.It comes from our heart.

BHARATPARVA

Nation should always be placed above religion. We all have every right to performPooja, Ibadat, Ardas and Prayer inside our homes, but no sooner we come out of our houses we should be Indians and only Indians.

All humans have the natural eagerness to look forward to festivals, carnivals and get-togethers with absolute emotional anticipation. It is these days which strengthen and add a sparkle to the life and shall always continue to do so. In fact, these are the vital tonics that ensure long life to an individual, as well as, a full and healthy collective emotional co-existence. It helps to rejuvenate the psychological energy in human beings. This energy makes us superior to the other living beings on this planet. This psychological energy causes us to regard human values, develop senses, makes us emotional, lets us love & perform all our duties continuously with enthusiasm.

Within the tiny periphery of a family, everyone eagerly awaits birthdays, anniversaries and marriages. The neighbours, relatives and friends go up to greet them and shower them with gifts. But, they do not await these celebrations with the same emotional eagerness as the tiny family. Here it is more of a social obligation only.

Similarly, within a large periphery, comprising people from the same sect, religion or group, who eagerly await their festivals like Mahaveer, Buddha or Nanak Jayanti, Christmas, Id or Diwali and many more such festivals.

More festivals also mean more divisions of the large national family. Although all other sects join in the festivities and greet them, it is once again more of a social obligation only.

In trying to live within the limits of these small peripheries we are unduly dividing the emotional unity of our large Indian family. Thereby, we are not fully justifying the doctrines of “Collective Emotionalism within our diversities” and “Collective Emotionalism within the variety that is India”. There is no short-cut to unity without “Collective Emotionalism”. We also celebrate the birthdays of Mahaveer, Buddha or Nanak by religiously paying respect to them on their Jayantis. We also celebrate the birthdays of Christ on Christmas, of Prophet Mohammad on Bara Wafat, of Rama on Ramnavami, and of Krishna on Krishna Janmashtami. These strengthen the beliefs and inspire our society in small parts.

26th January - the day when the Indian Republic was born and 15th August, the day when our nation got independence is the biggest and the greatest festival for all Indians - Bharat Parva is the festival for the one Indian family which makes us feel proud of being an Indian. The biggest and the greatest festival for all Indians -'Bharat Parva'.

''jai bharat maa'' ''jai hind''

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New Bhoor Colony, Old
faridabad, India - 121008.
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